नेपाल यात्रा
काठमांडू में 3 दिन: आराम भरा यात्रा कार्यक्रम
काठमांडू घाटी का तीन दिन का यात्रा कार्यक्रम — शयन मुद्रा में विष्णु, बौद्धनाथ, पशुपतिनाथ, स्वयंभूनाथ, दरबार स्क्वायर, पाटन और भक्तपुर — जेट लैग और ट्रैफ़िक को ध्यान में रखकर।
लेखक: Shiva Giriप्रकाशित पढ़ने में 5 मिनटजानकारी जाँची गई

फ़ोटो: Nirmal Dulal (नए टैब में Wikimedia Commons खुलता है), CC BY-SA 4.0 (नए टैब में खुलता है), Wikimedia Commons के ज़रिए
बिना जल्दबाज़ी के काठमांडू घाटी की बड़ी जगहें देखने के लिए तीन दिन काफ़ी हैं — अगर आप उन्हें समझदारी से बाँटें और ट्रैफ़िक के लिए समय छोड़ें। हम मेहमानों को यही क्रम सुझाते हैं, और यह हमारे गाइडेड काठमांडू सिटी टूर जैसा ही है।
दिन 1 — आराम से पहुँचें: बुढानीलकंठ और बौद्धनाथ
- सुबह: फ़्लाइट के बाद आराम करें और छत पर नाश्ता करें।
- दोपहर: शयन मुद्रा में विष्णु की विशाल मूर्ति देखने के लिए पैदल बुढानीलकंठ मंदिर जाएँ।
- ढलती दोपहर: सूर्यास्त की कोरा के लिए बौद्धनाथ स्तूप (कार से 30–40 मिनट)।
दिन 2 — पवित्र जगहों का दिल
- सुबह-सुबह: पशुपतिनाथ मंदिर और बागमती के घाट।
- देर सुबह: स्वयंभूनाथ — घाटी के नज़ारों के लिए 365 सीढ़ियों वाली पूर्वी सीढ़ी चढ़ें।
- दोपहर: काठमांडू दरबार स्क्वायर और कुमारी का आँगन, फिर इंद्र चोक और असन होते हुए पैदल थमेल तक।
दिन 3 — पाटन और भक्तपुर
- सुबह: पाटन दरबार स्क्वायर और पाटन संग्रहालय।
- दोपहर: भक्तपुर का दरबार स्क्वायर, न्यातापोल मंदिर और पॉटरी स्क्वायर — आख़िर में जुजु धौ।
टिप्स
- जल्दी निकलें — दिन चढ़ने के साथ ट्रैफ़िक बढ़ता जाता है।
- मंदिरों के लिए शालीन कपड़े पहनें और प्रवेश टिकट के लिए छोटे नोट रखें।
- अगर आप अभी-अभी पहुँचे हैं, तो पहला दिन हल्का रखें।
- शिवपुरी हाइक या कुकिंग क्लास के लिए चौथी सुबह जोड़ लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या काठमांडू के लिए 3 दिन काफ़ी हैं?
हाँ, घाटी की मुख्य UNESCO जगहों के लिए। अगर हाइक, नगरकोट या धीमी रफ़्तार चाहिए, तो एक-दो दिन जोड़ लें।




