नेपाल यात्रा
काठमांडू से नगरकोट का सूर्योदय: नाश्ते से पहले हिमालय के नज़ारे
सुबह जल्दी घाटी के किनारे जाकर हिमालय पर सूर्योदय देखें और नाश्ते तक लौटें — कब जाएँ, क्या दिख सकता है और Sacred Trails से हम इसकी व्यवस्था कैसे करते हैं।
लेखक: Shiva Giriप्रकाशित पढ़ने में 4 मिनट

फ़ोटो: Bijay Chaurasia (नए टैब में Wikimedia Commons खुलता है), CC BY-SA 4.0 (नए टैब में खुलता है), Wikimedia Commons के ज़रिए
नगरकोट काठमांडू घाटी के पूर्वी किनारे पर एक पहाड़ी गाँव है, शहर से लगभग 30 km। साफ़ सुबह हिमालय की लंबी चोटियों की कतार के ऊपर सूरज उगता है। हम होमस्टे से सुबह जल्दी गाड़ी की व्यवस्था करते हैं ताकि आप यह देख सकें और देर के नाश्ते तक लौट आएँ।
कब जाएँ
- अक्टूबर से दिसंबर तक आसमान सबसे साफ़ रहता है और पहाड़ दिखने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है।
- वसंत की सुबहें धुंधली हो सकती हैं; मानसून के महीने (जून–सितंबर) आम तौर पर बादलों भरे होते हैं।
- पिछली रात मौसम देख लें — फ़ैसला करने में हम मदद करेंगे।
क्या साथ लाएँ
- गरम कपड़े: भोर से पहले घाटी के किनारे ठंड होती है।
- कैमरा और चाय का थर्मस।
- धैर्य — पहले आधे घंटे में रोशनी तेज़ी से बदलती है।
इसे पूरे दिन की यात्रा बनाएँ
सूर्योदय के बाद लौटते हुए भक्तपुर में रुककर चौक देखें और जुजु धौ चखें, या चांगु नारायण मंदिर जाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नगरकोट के सूर्योदय के लिए सबसे अच्छा महीना कौन-सा है?
अक्टूबर से दिसंबर तक आम तौर पर हिमालय के नज़ारों के लिए आसमान सबसे साफ़ रहता है।
क्या नगरकोट में रात रुकना ज़रूरी है?
नहीं। Sacred Trails से सुबह जल्दी गाड़ी से सूर्योदय देखकर उसी सुबह लौट सकते हैं।



